बेटियां
betiyaबेटियां है अनमोल
 हीरे मोतियों से जड़ी
 माँ को सांसो की लड़ी
 समाज की ये लड़ी ।

बेटियां सुख का सागर
 हर घर की वो गागर
 प्यार छलकाती ही जाए,
 अपने को लुटाती ही जाए ।

इतनी अनमोल बेटियो को
 मार जा रहा है गर्भ में
 कहा गयी हमारी संस्कृति
 कहा गयी को सुन्दर विचार ।

बेटियां न हो घर में
 तो घर एक जंगल है
 बेटियो के कारन ही
 हर घर में मंगल है ।
बलात्कार
balatkarबलात्कार एक शब्द
 ख़ुशी पलभर की
 और एक जिन्दगी
 तार तार हो जाती है ।

मर्द कर के गुनाह
 बेख़ौफ़ घूमता है
 जिसका न कोई गुनाह
 वो कैद हो जाती है ।

ऐसे गुनहगार को
 मिले सजा ऐसी
 करे कर्म तो ऐसा
 उसकी रूह काँप जाये ।
 कुछ ऐसा हो आज
 हमारे समाज में
 बलात्कार शब्द का, नमोनिशान मिट जाए ।